Friday, 7 June 2019

निर्णय

या फिर पीछे हटना है
या साहस कर डटना है ,
थका हूँ पर हारा नहीं
अभी तो मुझको लड़ना है  |
कब तक ऐसे सहता रहूँ मैं
अब मुझे भी हिम्मत जुटानी होगी,
कहते थे बापू प्रेम करो अपने शत्रु से
पर अब तो उनको धूल चटानी होगी |
या करते रहनी है ग़ुलामी उनकी
या खुद उन्हें ग़ुलाम बनाना है ,
यह मेरा जीवन है,
निर्णय तो मुझे ही करना है |

बैठूंगा किसी सड़क किनारे
हाथ मे थामे भिक्षा पात्र,
या खानी है मेहनत की रोटी,
भूल भाल कर अपना स्वार्थ |
किसी के टुकड़ो पर जीना होगा
या खुद ही एक मालिक बनना है,
किस्मत पर निर्भर रहना है मुझे
या खुद की किस्मत गढ़ना है |
या आलस कर जीना है
या श्रम के विष को पीना है ,
यह मेरा जीवन है,
निर्णय तो मुझे ही करना है  |

पिंजरे मे ही जीना मुझको
पिंजरे मे मर जाना है,
देखके निर्दयी दुनिया को
मेरा यही बहाना है |
कही मर ना जाऊ मैं गगन मे कही
किसी बलशाली के पंजे मे आकर,
या आलस्य कर विश्राम करू
मैं अपना नीड़ सजाकर |
या तो गगन मे उड़ना है
या इस संसार से डरना है, 
यह मेरा जीवन है,
निर्णय तो मुझे ही करना है |

क्या हूँ मैं और क्या कर सकता हूँ
इस दुनिया को यह बात बतानी है,
या किसी की परछाई बनना है
या खुद की पहचान बनानी है |
मैं धन का लालच नहीं रखता,
मुझे तो बस यश (प्रशिद्धि ) प्राप्त करना है,
जीना है मुझे अपने तरीके से
अपने अहंकार को समाप्त करना है |
किसी और पर नहीं,
मुझे खुद पर भरोसा करना है,
यह मेरा जीवन है
निर्णय तो मुझे ही करना है |

                                       - यश कुमार








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